उत्तराखंडउधम सिंह नगरक्राइमदेहरादून

एसटीएफ द्वारा थाना रूद्रपुर पुलिस के साथ ज्वाइंट ऑप्रेशन में की गयी गिरफ्तारी

 

पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड, श्री दीपम सेठ महोदय द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में गैंगस्टर व अवैध हथियारों के विरुद्ध चलाये जा रहे सघन अभियान के चलते वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ श्री नवनीत सिंह भुल्लर को विशेष रूप से निर्देशित किया गया था। उक्त निर्देश के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ श्री नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा पुलिस उपाधीक्षक, एसटीएफ श्री आर0बी0 चमोला के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक एसटीएफ एम0पी0 सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर उनकी गिरफ्तारी व धकपकड़ हेतु उचित दिशा-निर्देश दिये गये। इसी क्रम में एसटीएफ की कुमायूँ युनिट द्वारा कल देर रात्रि थाना रूद्रपुर पुलिस के साथ एक व्यक्ति मौ0 आसिम पुत्र शकील अहमद निवासी ग्राम धनसारा थाना बाजपुर जनपद ऊधमसिंह नगर भारी मात्रा में अवैध असलहों व गोला-बारुद के साथ गिरफ्तार किया गया है।
पकड़े गए हथियार तस्कर की गिरफ्तारी के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि एसटीएफ को पिछले कुछ समय से सूचना प्राप्त हो रही थी कि जनपद ऊधमसिंह नगर के बाजपुर से राज्य और राज्य के बाहर अवैध हथियारों व कारतूसों की बड़े पैमाने में तस्करी हो रही है इसपर टीम द्वारा गोपनीय रुप से कार्य किया और करीब 01 माह की कड़ी मेहनत के फलस्वरूप कल देर रात्रि एस.टी.एफ कुमाऊं यूनिट को मुखबिर द्वारा एक गोपनीय सूचना प्राप्त हुयी कि बाजपुर का एक पुराना वैपन तस्कर भारी मात्रा में हथियारों की सप्लाई रुद्रपुर में देने वाला है जिस पर टीम द्वारा कोतवाली रुद्रपुर पुलिस को साथ लेकर काशीपुर रोड पर स्थित फ्लाईओवर के नीचे से उक्त वैपन तस्कर को भारी मात्रा में पिस्टल,बन्दूक व कारतूसों साथ गिरफ्तार किया गया जो कि बाजपुर से इन हथियारों की तस्करी कर रुद्रपुर में बेचने के लिए ला रहा था। पकडे गये वयक्ति का नाम मौ0 आसिम है जो कि अपने पिता व भाई के साथ बाजपुर में नक्श गन हाउस नाम से दुकान चलाता है ये वही गनहाऊस है जहाँ पर वर्ष 2023में एनआईए द्वारा गैंगेस्टरों को हथियार व कारतूस सप्लाई किये जाने के मामले में रेड की गयी थी और एनआईए आरोपी व उसके भाई उनके पास से मिले कुछ हथियारों के साथ पकड़कर ले गयी थी। इसके अलावा पकड़ा गया अभियुक्त मौ0 आसिम का सम्बन्ध पंजाब में हुए नाभा जेल ब्रेक काण्ड से भी रहा है जिसमें उसके द्वारा नाभा जेल ब्रेक के अभियुक्तों को 100 से अधिक कारतूस सप्लाई किये गये थे और इन कारतूस का इस्तेमाल जेल ब्रेक मे हुआ था अभियुक्त उक्त मामले में साढ़े छः साल पटियाला जेल में निरुद्ध रहा था। एसटीएफ द्वारा इस अभियुक्त की हथियारों के साथ गिरफ्तारी बहुत ही संगीन गंभीर मामला है और एसटीएफ इसकी तह तक पहुँचने की कोशिश कर रही है हाँलाकि अभी तक की पूछताछ में एसटीएफ को इसके द्वारा पिछले 10 वर्षों में काफी अधिक संख्या में हथियार बेचे जाने जानकारी हुयी है और अवैध हथियारों के अच्छे-खासे नेटवर्क का पता चला है जिसके आधार पर आगे कार्यवाही की जायेगी।

कैसे हुयी थी नाभा जेल-ब्रेककाण्ड की पूरी वारदातः-
27 नवम्बर 2016 की सुबह करीब 9 बजे पुलिस की वर्दी में तीन गाड़ियों में हथियारों से लैस होकर आए करीब 15 अपराधियों ने नाभा की मैक्सिसम सिक्योरिटी जेल पर हमला करके दो आतंकियों व चार गैंगस्टरों को छुड़ा लिया था। अपराधियों ने दरअसल जेल में एक कैदी को लाने का दिखावा किया। जिस पर मेन गेट पर तैनात गार्ड ने इन्हें अंदर जाने दिया। अंदर घुसते ही अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद वह बैरकों में घुस गए, जहां खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स के आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू, आतंकी कश्मीर सिंह व चार गैंगस्टरों हरजिंदर सिंह भुल्लर उर्फ विक्की गौंडर, गुरप्रीत सिंह सेखों, कुलप्रीत सिंह उर्फ नीटा देयोल व अमनदीप सिंह उर्फ धोतियां इनका इंतजार कर रहे थे। आरोपियों ने एक जेल गार्ड से उसकी एसएलआर गन भी छीन ली और छह कैदियों को लेकर फरार हो गए थे। गांवों से होते हुए यह सभी हरियाणा के कैथल में प्रवेश करते हैं और फिर आगे निकल गए थे।*

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