चुनावी तैयारी या सियासी साजिश ?
उत्तराखंड में चुनावी माहौल के बीच चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने और एसआईआर प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम काटने का आरोप लगाया है, वहीं भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए चुनाव आयोग को स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताया है।
उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा आगामी चुनावों में हार के डर से चुनाव आयोग का सहारा लेकर एसआईआर प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रही है। उनका कहना है कि मतदाता सूची से लोगों के नाम काटे जा रहे हैं और उन्हें अपील या सुधार का पर्याप्त अवसर भी नहीं दिया जा रहा। कांग्रेस ने दावा किया कि चुनावों को जल्द कराने और वोटर सूची में बदलाव की कवायद राजनीतिक लाभ के लिए की जा रही है।
वहीं भाजपा प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र और स्वायत्त संवैधानिक संस्था है। उन्होंने कहा कि आयोग सभी राजनीतिक दलों से राय लेने और जमीनी हालात का आकलन करने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम तय करता है। जोशी ने कहा कि भाजपा 24 घंटे चुनावी मोड में रहती है और चुनाव आयोग जब भी चुनाव कराएगा, पार्टी पूरी तरह तैयार मिलेगी।
