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नशा मुक्त समाज के लिए विभागीय समन्वय से चलाएं व्यापक जनजागरूकता अभियानः एडीएम

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देशों के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्रीमती स्मृता परमार की अध्यक्षता में एनडीपीएस एक्ट, 1985 में वर्णित प्राविधानों/नियमों के अंतर्गत अफीम खस-खस एवं पोस्त की खेती तथा ड्रग्स के उपयोग को पूर्णतः रोकने एवं संबंधित क्रियान्वयन के संबंध में जिला स्तरीय समिति (एनकॉर्ड) की बैठक अपर जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में आयोजित की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मादक पदार्थों के अवैध कारोबार एवं नशे के बढ़ते प्रचलन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी के भविष्य से जुड़ी गंभीर चुनौती है। इसके लिए प्रवर्तनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जाना आवश्यक है।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं समाज कल्याण विभाग को समन्वित रूप से मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नियमित रूप से कार्यशालाएं, जागरूकता कार्यक्रम एवं संवाद सत्र आयोजित किए जाएं, ताकि छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों एवं इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी जा सके।
पुलिस विभाग को जनपद के नशा प्रभावित एवं संवेदनशील हॉटस्पॉट क्षेत्रों की जीआईएस मैपिंग करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ऐसे क्षेत्रों की नियमित निगरानी करते हुए नशे के अवैध कारोबार एवं मादक पदार्थों के क्रय-विक्रय में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं आबकारी विभाग को पोस्त की खेती पर प्रभावी प्रतिबन्ध हेतु सम्बन्धित क्षेत्रो में नियमित छापेमारी के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ-साथ नशे की गिरफ्त में आए व्यक्तियों को चिन्हित कर आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य एवं सामाजिक पुनर्वास से संबंधित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी विभागीय समन्वय से कार्य किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को निरंतर, प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाया जाए।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर की जा रही कार्रवाई एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा करने तथा आपसी समन्वय से ठोस कार्ययोजना के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज कुमार शर्मा, पुलिस क्षेत्राधिकारी अंकित कंडारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, आबकारी निरीक्षण शिव प्रसाद व्यास सहित शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, आबकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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